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क्रिप्टो न्यूज टुडे, भारत में क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंध, क्रिप्टो बिल 2021

क्रिप्टोक्यूरेंसी बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश होने की संभावना।

 

Crypto Bill 2021:-  cryptocurrency में कौन नही इन्वेस्ट करना चाहता है, वजह यह है, की इन्वेस्ट किये गए पैसे का कई गुना रिटर्न मिलना। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 10 करोड़ के लगभग क्रिप्टो इन्वेस्टर है, अगर बात करे आकडे की, तो भारत विश्व के नम्बर 1 पर आता है, criptocurrency में इन्वेस्ट करने में, जिसके बाद दुसरे नम्बर पर अमेरिका आता है। जिसमे 2.7 करोड़ इन्वेस्टर है, फिर तीसरे नम्बर पर नाइजीरिया है, जिसके अन्दर 1.3 करोड़ cripto इन्वेस्टर है।

कुछ समय पहले एक खबर आयी थी, की क्रिप्टो बिल इस 2021 winter में नही आएगा, तो क्रिप्टो इन्वेस्टर को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन जब यह खबर तेजी से फैली की सरकार criptocurrency करेंसी को लेकर कुछ बदलाव करेगी तो, क्रिप्टो इन्वेस्टर के लिए ख़ुशी का ठिकाना नही रहा।

लेकिन अब लेटेस्ट update के मुताबित, अब क्रिप्टो के इन्वेस्टर को कही ना कही कुछ राहत देखने को मिल रही है। और अब criptocurrency bill पर और भी क्लेअरिटी देखने को मिल रही है। (IMF) यानी इंटरनेशनल मोनेटरिंग फण्ड की तरफ से एक बहुत ही बड़ा स्टेटमेंट आया है। जो की इलियन कांटेक्स में काफी इम्पोर्टेंट हो सकता है, और क्रिप्टो बिल पर भी काफी असर डाल सकता है।

गीता गोपीनाथ ने क्या कहा criptocurrency के बारे में –

गीता गोपीनाथ ने कहा की criptocurrency पर बैन लगाना, एक बहुत ही बड़ा चैलेंज होगा। उनका कहना है, की अगर कोई भी कंट्री अपने देश में cryptocurrency पर बैन लगा देती है, तब भी इन्टरनेशनल एक्सचेज के माध्यम से उस देश में क्रिप्टो इन्वेस्टर एक्सचेंज करते रहेंगे।जिसके बारे में पता लगाना काफी मुश्किल होगा।

गीता गोपीनाथ ने criptocurrency के बारे में वही बात कही है, जिसके बारे में सब बात करते आ रहे है, गीता गोपीनाथ ने यह भी कहा है, कि किसी एक देश cryptocurrency प्रति कुछ नही कर सकता है, हालाकि कुछ पॉवर फुल देश भी इसका कुछ नही कर पायेंगे, इसमें ब्लाकचैन के माध्यम से लेन-देन होते रहेंगे। जिसके बारे में पाता लगाना किसी भी देश के लिए काफी मुश्किल होगा।

गीता गोपीनाथ ने एक बात और कही है, की criptocurrency के लिए एक ग्लोबल पालिसी की जरुरत है, जिसे हर देश उसे एक्सेप्ट करे।

क्रिप्टो bill इन इंडिया।

 अगर बात करे भारत की, तो एक रिपोर्ट के मुताबित cripto bill पर एक हाई लेवल की मीटिंग की गयी है, मीटिंग मे एक बात साफ़-साफ़ कही गयी है, की जो भी बिल आगे चलकर पास किये जायेंगे। उसपर ग्लोबल फ्रेमवर्क के साथ लिंक होने चाहिए। और सरकार ने यह भी निर्णय लिया कि, क्रिप्टो बिल पर एकाएक कोई भी डिसीजन लेने से पहले थोडा इंतज़ार किया जाए।

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क्रिप्टो बैन न्यूज़-Cryptocurrency Ban in India

भारत मे हाई लेवल की मीटिंग के बाद एक बात तो तय है कि, भारत में क्रिप्टो पर बैन लगाना काफी मुश्किल होगा, अगर बात पुरे विश्व की करे। तो लगभग कई ऐसे देश है, जो criptocurrency ban के विरुद्ध है, और अधिकतर देश ऐसे है, जो क्रिप्टोकरेंसी को ना बैन करने के समर्थन में है।

एक रिपोर्ट के मुताबित सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक मेजर डिसीजन लेने से पहले, यानी कोई बिल लाने से पहले एक ऐसा लो (Low) सामने ला सकती है। जिसमे क्रिप्टो इन्वेस्टर को टैक्स देना पड़े। हलाकि एक अच्छी खबर यह है, क्रिप्टो इन्वेस्टर के लिए कि लगभग 95% लोग इसके समर्थन है। लेकिन एक बड़ा चैलेंज यह भी है। कि क्रिप्टो को रेगुलेट करना भी काफी मुश्किल होगा।

क्योकि इसको कोई भी इन्वेस्टर जब इन्वेस्ट करता है, तो नाही उसका नाम और नाही कोई एड्रेस का पता चलता है। खाली एक डिजिटल एड्रेस जेनरेट होता है। जिससे डे टू डे ट्रांजेक्शन होते रहेंगे, जिसके कारण काला धन और आतंकवाद काफी हद तक बढ़ जाएगा। इसी बात को लेकर सरकार काफी परेशान है, कि क्रिप्टोकरेंसी को कैसे रेगुलेट करे।

invest by blockchain

अगर आप blockchain पर कोई भी ट्रान्जेक्शन करते है, तो यह पता नही चलता है। कि ट्रान्जेक्शन किसने किया है। क्योकि उसमे नाम, KYC, एड्रेस का कही कोई पता नही चलता है। इसमे खाली एक अल्फ़ा न्यूमेरिकल एड्रेस जेनरेट होता है। और सरकार ने इस बात पर निर्णय लिया है, कि हर क्रिप्टो इन्वेस्टर के ट्रांजेक्शन में KYC का होना बेहद जरुरी है। जिसके कारण सरकार आसानी से पता लगा सके। कि किसके कहा से इन्वेस्ट किया है। 

 

 

 

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